सोशल मीडिया की लत से छुटकारा पाने के 10 असरदार तरीके जानिए| Social Media Detox क्या है, इसके फायदे और आसान उपाय , ताकि आप समय बचाकर शांत और खुशहाल जीवन जी सकें|

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप सिर्फ 5 मिनट के लिए मोबाइल हाथ में लेते हैं और कब आधा घंटा निकल जाता है, पता नही चलता?
सुबह उठते ही WhatsApp, Instagram, Facebook…. पर नजर दौड़ने लगती है और रात को सोने से पहले भी कुछ ऐसा ही हाल है? अगर हाँ , तो आपको social media detox की जरूरत है|

Hello! मैं आपकी दोस्त हिमिका, आज सोशल मिडिया की लत से छुटकारा पाने के कुछ असरदार तरीकों के बारे में बात करने वाली हूँ| आशा करती हूँ कि ये जानकारी आपके बेहद काम आयेगी|
तो आइये सबसे पहले जान लेते हैं कि
सोशल मिडिया डिटॉक्स क्या है?
Social media जानकारी पाने और updated रहने का एक महत्वपूर्ण जरिया है, इसकी सहायता से हम दोस्तों, समाज और पूरी दुनियाँ से जुड़ जाते है लेकिन जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल समय की बर्बादी, दिमागी थकान और मानसिक अशांति, तो बस रुकिए अब समय है सोशल मीडिया का सीमित और समझदारी से इस्तेमाल करने का, यही है सोशल मीडिया डिटॉक्स|
इसका मतलब ये कतई नहीं कि हम मोबाइल या सोशल हमेशा के लिए छोड़ दें बल्कि कुछ समय के लिए उस शोर से बाहर निकलना है जो हर समय हमारे दिमाग में चलता रहता है|
ज़रा सोचिये , सुबह उठते है नोटिफिकेशन , दिन भर रील्स, पोस्ट , कमेंट्स और रात को सोने से पहले फिर उसी स्क्रीन पर,हम हर समय कुछ न कुछ देख रहे होते हैं|
Social Media Detox दरअसल अपने दिमाग को ये बताना है कि अब थोड़ा रुको और कुछ समय अपने लिए निकालो, आराम करो
सोशल मिडिया की लत के नुकसान
आज सोशल मीडिया के इतने सारे platforms है और ये हमारी जिन्दगी का हिस्सा बन चुके हैं| किसी से जुड़ना हो , कुछ जानना हो या समय काटना हो, हाथ में मोबाइल आ जाता है, शुरू में ये सामान्य लगता है लेकिन फिर ऐसा होता है कि हर समय मोबाइल हाथ में रहता है और हम सोशल मीडिया पर scroll करते रहते हैं |
अब ये हमारी लत बन जाती है इससे होने वाले नुकसान तो इतने हैं कि क्या कहूँ ?
मोबाइल और सोशल मीडिया हमारा कीमती समय खा जाते हैं , हम उस समय में कुछ अच्छा कर सकते थे, कुछ सीख सकते थे, कुछ productive कर सकते थे| लेकिन वो समय जा चुका होता है|
लगातार scroll करने से दिमाग को आराम का समय ही नही मिलता, हम हर समय कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, किसने पोस्ट किया, कितने लाइक मिले | ये सब हमारे अन्दर एक बैचेनी , तनाव पैदा करते हैं|

हम सोशल मीडिया पर लोगो के जीवन का अच्छा पक्ष ही देखते है और हमें लगता है कि हम कितने पीछे है और हमें अपना जीवन फीका लगने लगता है| ये हमारे लिए अच्छा नहीं है|
हम किसी काम पर ध्यान नही लगा पाते हैं| नींद की समस्या होने लगती है जिससे थकान , चिडचिडापन होने लगता हैं|
सोशल मिडिया डिटॉक्स के 10 असरदार तरीके
तो चलिए आपको बताती हूँ कि हम किस तरह से सोशल मिडिया डिटॉक्स कर सकते हैं –
गैर–जरुरी नोटिफिकेशन बंद कर दें
हमारे मोबाइल में हर कुछ देर में नोटिफिकेशन आते रहते हैं जो हमारा ध्यान बार बार भटकाते हैं| आप Instagram, Facebook, YouTube जैसे apps के alerts को मोबाइल की setting में जाकर बंद कर दें| आप खुद ये महसूस करेंगे कि बार बार मोबाइल देखने की आदत कम हो जायेगी और ये हमारा social detox करने की ओर पहला कदम होगा|
सुबह उठते ही फोन हाथ में न लें|
रात को सोते समय अपने मोबाइल को अपने बिस्तर से दूर रख दें, ऐसा करने से आप सुबह उठते ही मोबाइल हाथ में नहीं ले पायेंगे|हम अक्सर ये गलती करते हैं कि हमारा मोबाइल सोते समय भी बिस्तर के पास पडा रहता है|अगर दिन की शुरुआत ही सोशल मीडिया से होगी तो पूरा दिन उसी mood में आ जाता है|
आप सुबह उठ कर थोड़ा पानी पियें , थोड़ा टहलें, स्ट्रेचिंग करें या कुछ देर शांत होकर बैठ जाएँ|
आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी सुबह सुबह मोबाइल या सोशल मीडिया देखने की आदत छूट जायेंगी|
ये मेरा अपना आजमाया हुआ तरीका है
सोशल मीडिया देखने का समय तय करें|
आज के समय में सोशल मीडिया पर update रहना जरूरी है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है तो हम ऎसी आदत बनाएं कि time pass करने के लिए सोशल मीडिया नहीं देखें|
हर सोशल मीडिया platform के लिए कुछ समय दिन में निर्धारित कर दें, ऐसा करने से बार बार फोन देखने से बच सकते हैं|
बेकार और अनुपयोगी अकाउंट्स को unfollow करें
अक्सर हम अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कोई group या accounts join कर लेते हैं| ऐसे group या चैनल negativity फैलाते हैं या बेकार का content परोसते हैं, इनके नोटिफिकेशन बार बार आते रहते है और हम लगातार देखते रहते हैं, तो ऐसे अकाउंट्स को unfollow कर दें|
गैर जरूरी एप्स को uninstall करें
कई बार हम कोई app फोन में download कर लेते है, हो सकता है उस समय हमें उसकी जरूरत थी लेकिन फिर हम उसका use करना बंद कर देते हैं या फिर हम बेवजह उसको देखते है तो हमारा time waste होता है |
आप एक दिन बैठकर मोबाइल को देखिये और पता कीजिये कि कौनसा app आपके काम का नहीं है, उसे uninstall कर दीजिये| ऐसा करने से आपका समय भी बचेगा, फ़ोन की स्टोरेज बढ़ जायेगी और अनचाहे नोटिफिकेशन आपको परेशान नहीं करेंगे|
सोने से एक घंटा पहले फोन दूर रख दें
आपने भी देखा होगा कि हमारे घर में रात के समय परिवार का हर सदस्य मोबाइल हाथ में लिए बैठा रहता है| हमें पता भी नही चलता कि कितना समय निकल गया है| ऐसा करने से हमारी नींद खराब होती है और दिमाग को आराम नहीं मिलता है|

सोने से एक घंटा पहले मोबाइल को दूर रखे दें, आप एक अच्छी मन पसंद किताब पढ़ सकते हैं या फिर अपने परिवार के साथ बातचीत कर सकते है|
जब खाली हो तब कोई दूसरा काम करें
अक्सर कुछ समय हमें खाली मिल ही जाता है और आपने ध्यान दिया होगा कि हम तुरंत मोबाइल हाथ में ले लेते है और scroll करने लग जाते है और हमें पता ही नहीं चलता कि कितना समय गुजर गया|
हम खाली समय में थोड़ा टहल सकते हैं, घर के कुछ छोटे मोटे कामों में हाथ बटा सकते हैं, आस पडौस में आमने सामने बाचचीत कर सकते हैं|
कुछ दिन ऐसा करने से हमारी आदत बदलने लग जायेगी और हम मोबाइल का उपयोग कम करने लगेंगे|
मनपसंद संगीत या रेडियो सुने
आज हमारी आदत ऎसी हो गयी है कि हम मोरंजन करने के लिए मोबाइल हाथ में लेकर स्क्रीन scroll करते रहते हैं,लेकिन हर बार मनोरंजन के लिए मोबाइल जरूरी नही है|आप अपना मन पसंद संगीत सुन सकते है या फिर रेडियो on कर दें, साथ में आप कुछ और भी काम कर सकते हैं| यकीन मानिए आप relaxed महसूस करेंगे|
सप्ताह में एक दिन मोबाइल फ्री दिन रखें

आप सप्ताह में एक दिन मोबाइल या डिजिटल फ्री दिन तय करें | उस दिन केवल जरूरी calls attend करें लेकिन सोशल मीडिया से दूर रहें|
शुरू शुरू में ऐसा करना मुश्किल हो सकता है लेकिन कुछ दिनों में आदत हो जायेगी| मैंने तो Sunday का दिन digital free कर दिया है|इस दिन मैं मम्मी के साथ घर के कामों में हाथ बटाती हूँ, पौधों को संभाल लेती हूँ और दोस्तों से मिलाने चली जाती हूँ| करके देखिये और बताइये कैसा लगा ?
बच्चों और छात्रों के लिए social Media detox क्यों जरूरी है?
आज हर बच्चे के हाथ में मोबाइल है फिर चाहे वो किसी भी उम्र का हो| बच्चे भी सोशल मिडिया पर active रहते हैं और ये आदत उनकी पढाई में बाधा बन रही है, स्वभाव चिड़चिड़ा हो रहा है, उनमे तुलना करने की भावना और नकारात्मकता आती जा रही है|
अगर समय रहते इसे control नहीं किया गया तो आगे चलकर ये एक बड़ी समस्या बन जायेगी|
अपनी प्रगति को जांचे
अब जब आपने ये तरीके अपनाए हैं तो हर सप्ताह खुद से ही पूछे कि कितना screen time कम हुआ?, आप कितना शांत महसूस कर रहे हैं?,आपने कितना समय अपने परिवार और दोस्तों के बीच बिताया?
छोटी छोटी जीत आगे बढ़ने का हौसल देती हैं , आप अपने आप को शाबासी दें|
Social Media detox के फायदे
अगर आपने सही तरीके से इन social media detox के तरीकों को आजमाया है तो आपको ये फायदे जरूर महसूस हो रहे होंगे –
- मानसिक रूप से शांत महसूस हो रहा होगा|
- समय की बचत हो रही होगी|
- आपकी productivity बढ़ गई होगी|
- आपका अपने काम पर focus बढ़ गया होगा|
- परिवार और दोस्तों को समय दे पा रहे होंगे|
अगर ऐसा महसूस कर रहें है तो निचित मानिए कि आपकीmobile addiction की आदत छूट चुकी है और आप digital detox के रास्ते पर तेजी से बढ़ रहें हैं|अगर आप बिना थके और लंबे समय तक पढाई करना चाहते है तो यह लेख जरूर पढ़ें
निष्कर्ष
सोशल मीडिया या मोबाइल बुरा नही है लेकिन इसकी आदत हो जाना बेहद खतरनाक है| आप इसका इस्तेमाल करें अपने काम के लिए, ये आपके जिन्दगी का हिस्सा हो सकता है लेकिन पूरी जिन्दगी नहीं हो सकता|
आज ही छोटे क़दमों से शुरुआत करें, क्यों कि असली दुनिया स्क्रीन के बाहर है|
ये विचार आपको कैसे लगे , जरूर बताइयेगा |
आपकी दोस्त हिमिका