आहार या भोजन का हमारे जीवन में मुख्य स्थान है | आहार /भोजन संबंधी उपयोगी नियम के लेख में हम जानेंगे कि आहार क्या है ?स्वस्थ्य जीवन के लिए आहार की उपयोगिता ,भोजन और स्वास्थ्य संबंधी कुछ उपयोगी नियम क्या है ?हमें भोजन कब और कैसे करना चाहिए ?

हमारा जीवन आहार .भोजन के आस पास ही घूमता है | हम सब इसके लिए दिन भर खूब मेहनत करते है ताकि हम हमारे और हमारे परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था कर सकें |
भोजन प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि आहार को उचित तरीके से ग्रहण करना भी जरूरी है |
- आहार क्या है?
- स्वस्थ्य जीवन के लिए आहार की उपयोगिता
- आहार/भोजन संबंधी आदतें
- भोजन कब और कैसे करना चाहिए?
- भोजन में क्या खाएं क्या न खाएं ?
आहार क्या है ?

आहार या भोजन या फूड क्या है ? आहार जीवन का आधार है | आहार या पोषण के रूप में जीव [मनुष्य और जीव जंतु ] अपने वातावरण से भिन्न भिन्न पदार्थ प्राप्त करते हैं | ये पदार्थ पाचन क्रिया के माध्यम से जीव के शरीर का अंग बनकर शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं |
सही आहार के फायदे
हमारा शरीर मजबूत बनता है |
रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है |
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है |
थकान और कमजोरी दूर करता है |
जीवन शक्ति बढाता है |
तो अब हमें आहार क्या है ? कि जानकारी हो चुकी है |
स्वस्थ्य जीवन के लिए आहार की उपयोगिता

उचित भोजन का चुनाव हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है , इसलिए स्वस्थ्य जीवन के लिए आहार की उपयोगिता को आसानी से समझा जा सकता है |हम भोजन खाते है जिससे कि हमारा शरीर चलता रहे जैसे एक मशीन को चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही हमारे शरीर को चलाने के लिए भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है |
भोजन खाने के लिए हम ज़िंदा नहीं रहते है बल्कि जिन्दा रहने के लिए भोजन करते हैं |भोजन शरीर के पोषण के लिए आवश्यक है |
हमारे आहार या भोजन में सभी आवश्यक तत्व होने चाहिए यानि भोजन संतुलित होना चाहिए |
एक सम्पूर्ण और सही आहार में शामिल होते है :
कार्बोहाइड्रेट
प्रोटीन
वसा
विटामिन
खनिज
फाइबर (रेशे)
पानी
अगर भोजन संतुलित हो तो शरीर स्वस्थ रहता है और ऊर्जा बनी रहती है |
हाँ , हमारा भोजन देश, काल और परिस्थिति के अनुसार ही होना चाहिए |जब हम उचित भोजन खाते हैं तो हमारा शरीर स्वस्थ्य रहता है और यदि भोजन में आवश्यक तत्बो (Nutrients) का अभाव हो तो हमारा शरीर कुपोषित हो जाता है
आज के समय में कुपोषण एक समस्या है जिसके कारण क्या है ? इसकी चर्चा फिर कभी करेंगे |
आहार/भोजन संबंधी आदतें

जब हम आहार/भोजन सम्बन्धी नियम की बात करते है तो कई प्रश्न हमारे मष्तिस्क में आते है , इन प्रश्नों का उत्तर हमें जानना है तभी हम आहार संबंधी नियमों को समझ पायेंगे और उनका पालन अपने जीवन में कर पाएंगे |
अब बात करते है कि वो प्रश्न कौनसे है –
- भोजन कब किया जाए ?
- समय पर ही भोजन क्यों किया जाए ?
- भोजन कैसे करें ?
- भोजन में क्या न खाएं ?
- भोजन में क्या खाएं ?
इन सभी प्रश्नों के जवाब हमें मिल जाए तो मजा आ जाए है ना ! तो चलिए देर किस बात की है हम एक प्रश्न के जवाब जान लेते हैं
1.भोजन कब किया जाए ?

ये प्रश्न हम सब के मन में घूमता रहता है कि भोजन कब किया जाए ? तो इसके लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना है बस –
- भोजन करने का समय नियत यानि फिक्स होना चाहिए | अगर भोजन का समय निकल जाए और हम भोजन नहीं कर पाए तो फिर भोजन ना ही करे , इसके बजाय आप कोई तरल पेय पदार्थ जैसे फलों का रस या दूध पी लें |
- भोजन केवल भूख लगने पर ही करे | हर समय कुछ न कुछ खाते रहना अच्छा नहीं होता है |जब पहला भोजन पाच जाए तो ही दूसरा भोजन करें |
- अगर पहला भोजन पचा ना हो और उसके ऊपर भोजन कर लिया जाए तो वह नुकसान ही करेगा |
- जब आपको भूख खूब तेज लग रही हो तो उस समय भोजन जरूर कर लेवें क्यो कि बाद में हमारी जठराग्नि मंद पड़ जाती है |
- भूख लगने पर खाना नही खाना बहुत हानिकारक होता है इससे शरीर को हानि होती है |इससे शरीर कमजोर होता है , थकान होती है और सुस्ती पैदा होती है |
- यदि हम हमारी दिनचर्या को नियमित कर लेते हैं तो हम सही समय पर भोजन आसानी से कर सकते हैं |
- आयुर्वेद के आनुसार भोजन हमें तब करना चाहिए जब मल- मूत्र का त्याग अच्छी तरह से कर दिया गया हो , जब मन शांत हो , हम शरीर को हल्का महसूस कर रहे हों , पेट में गैस या वायु न हो |
- व्यायाम करने के एक घंटे के बाद भोजन करें |
- दो मुख्य भोजन के बीच – बीच में कुछ न कुछ खाते रहना सही नहीं है |
- रात के खाने और सुबह के नाश्ते के बीच लगभग १२ घंटों का अंतर होना ही चाहिए |
- सहवास और भोजन के बीच कम से कम दो घंटे का अंतराल होना चाहिए |
- रात में हल्का भोजन ले और खाने के दो घंटे बाद सोयें |
- व्रत या उपवास के दिन हल्का और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए |
सही समय पर भोजन करना शरीर की जैविक घड़ी (Biological clock) को संतुलित करता है |
मैं तो आमतौर पर अपना भोजन दिन में एक नियत समय पर ही करता हूँ और सही समय पर रात को सो जाता हूँ|
2.समय पर ही भोजन क्यों किया जाए ?
हमने अभी इतनी बातें की तो प्रश्न आया कि समय पर ही भोजन क्यों किया जाए ? यह प्रश्न हमारे मन में आता है | तो इसे भी जान लिया जाये |
समय पर भोजन करने से हमारे शरीर की जैविक घड़ी बिल्कुल सही तरीके से चलने लगती है |जठराग्नि प्रदीप्त होने से खाना अच्छे से पच जाता है | हमारे शरीर के सभी स्त्रोतों के मुख खुल जाते है जिससे वे अच्छे से काम करते हैं |
समय पर भोजन करने से हमें अच्छी डकारें आती हैं और अपानवायु अच्छे से निकल जाती है |इसके साथ साथ मल मूत्र और वात का सही समय से निष्काषन होने लगता है |
समय पर भोजन करने से हमारे शरीर को ज्याद ऊर्जा खर्च नहीं करनी पड़ती है और हमारे हृदय पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है |
3.भोजन कैसे करें ?
भोजन कब करें?’ इस पर तो चर्चा हो गई अब प्रश्न आया कि ‘भोजन कैसे करें ?’ तो चलिए इस प्रश्न की भी चर्चा कर लेते है
सही और उचित तरीके से खाया भोजन ही हमारे शरीर को लाभ पहुंचता है , तो वे क्या तरीक हैं उन्हें भी जान लिया जाए
- भोजन करने से पहले अपने हाथ पैरों को अच्छी तरह से धो लें और अपनी आखों पर ठन्डे पानी से छीटें मारे इससे हमारी थकान दूर हो जाती है |ऐसा करने से हमारा शरीर काफी हल्का महसूस होता है |
- भोजन करने के लिए जमीन पर बैठें , इससे भोजन बिलकुल सही जगह पहुँच जाता है | वैसे आज कल डाइनिंग टेबल पर ही भोजन किया जाता है और किसी शादी समारोह में तो खड़े खड़े भोजन करने का चलन है |
- भोजन को आराम से खूब खूब चबा चबा कर खाएं | अगर जल्दी जल्दी खाना खाते हैं तो हमारी आँतों और पेट को सारा काम करना पड़ता है इससे धीरे धीरे हमारी पाचन क्रिया कमजोर पड़ जाती है |
- भोजन को अच्छी तरह से चबा कर खाने से उसमे लार मिल जाती है और तरल भोजन हमारे पेट में पहुंचता है जिससे पाचन तंत्र को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती है |
- जब हम तनाव, क्रोध या अशांत मन स्थिति में हो तो भोजन करने से वह जहर बन जाता है जिसका दुष्प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है |इसलिए शांत मन से भोजन करें |
4.भोजन में क्या न खायें?

- सड़ा-गला , बासी , जला हुआ और ज्यादा देर तक पकाया हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए |
- भोजन के साथ फल या फलों का रस (ज्यूस) ना पीयें |
- भोजन के साथ कोई मादक पदार्थ का सेवन भी नहीं करना चाहिए |
- भोजन के तुरंत पहले या बीच बीच में जल नहीं पीना चाहिए इससे हमारी पाचन क्रिया मंद हो जाती है |
- देर से पचने वाले , भारी और गरिष्ठ भोजन नहीं करना चाहिए |
- डिब्बा बंद , फास्ट फूड या पैकेज्ड फूड नहीं खाना चाहिए |
5.भोजन में क्या खाएं ?

भोजन में क्या न खाए इस पर तो चर्चा हो गई तो अब पता तो हो कि भोजन में क्या खाएं ?
- भोजन हमेशा ताजा पकाया हुआ ही खाना चाहिए |
- भोजन में सभी पोषक तत्व होने चाहिए यानि भोजन संतुलित होना चाहिए |
- भोजन में पर्याप्त मात्रा में रेशे होने चाहिए |
- भोजन हमेशा अपने देश , काल और स्थिति के अनुसार ही करना चाहिए |
- भोजन ऐसा हो जिसमे हमारे शरीर को स्वस्थ बनाने वाले सभी पोषक तत्व होने चाहिए जैसे विटामिन , आयरन , केल्सियम , प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट आदि होने चाहिए |
निष्कर्ष : स्वस्थ जीवन के लिए भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन नही है बल्कि यह हमारे शरीर , मन और जीवन ऊर्जा का आधार है |
अगर हम सही समय , सही मात्रा और सही तरीके से भोजन करेंगे तो हमेशा रोग मुक्त रहेंगे|छोटे छोटे नियम अगर हम अपने जीवन में अपना लें तो और उन्हें लम्बे समय तक अपनाये तो निश्चित मानिये आप अपने को ऊर्जावान महसूस करेंगे
अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है | यह किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह नही है | किसी बीमारी या सवास्थ्य समस्या के लिए हमेशा डॉक्टर सलाह लें
योगेश